बाराबंकी, मई 3 -- बाराबंकी। दूरदराज के इलाकों में सुरक्षा का अभाव भी शिक्षिकाओं के लिए चिंता का विषय है। स्थानीय पुलिस की ओर से नियमित गश्त की व्यवस्था नहीं है। कई शिक्षिकाएं राह चलते छेड़खानी जैसी घटनाओं की शिकार हो चुकी हैं। अगर किसी दुर्घटना में घायल हो जाती हैं तो इलाज के लिए विभागीय स्तर से कोई विशेष आर्थिक सहायता नहीं दी जाती। खुद के खर्च पर इलाज कराना पड़ता है। कई स्कूलों की इमारतें जर्जर हालत में हैं। दरारें पड़ी दीवारें और टूटती छतें किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं। जिले के तमाम स्कूलों में पीने के पानी की व्यवस्था बेहद खराब है। कई जगह हैंडपंप खराब पड़े हैं और स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं है। बिजली की सप्लाई भी अनियमित है, जिससे गर्मी के दिनों में शिक्षकों और बच्चों दोनों को परेशानी होती है। साफ-सफाई और शौचालयों की स्थिति भी संतोषजनक ...
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