लखनऊ, जुलाई 7 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार को बड़ी राहत देते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारियों के तहत आने वाले स्कूलों का विलय करने के विरुद्ध दाखिल याचिकाओं को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 21ए के तहत अनिवार्य व निःशुल्क शिक्षा का अधिकार तो है लेकिन यह नहीं माना जा सकता है कि अनुच्छेद 21ए के तहत राज्य की यह जिम्मेदारी है कि वह छह से चौदह वर्ष की आयु के बच्चों को एक किलोमीटर की दूरी के भीतर ही निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करे। यह निर्णय न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने सीतापुर की कृष्णा कुमारी समेत 51 स्कूली बच्चों व अन्य रिट याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए सोमवार को पारित किया है। शुक्रवार को मामले में सुनवाई पूरी कर न्यायालय ने अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया था। मामले में याच...
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