विधि संवाददाता, जुलाई 5 -- उत्तर प्रदेश में प्राइमरी स्कूलों के विलय को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई पूरी करते हुए हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ में कृष्णा कुमारी और अन्य की ओर से दाखिल दो अलग-अलग याचिकाओं पर दो दिनों से जारी सुनवाई में याचियों और सरकार के अधिवक्ताओं ने बहस पूर्ण की। याचियों ने विलय सम्बंधी राज्य सरकार के 16 जून के आदेश को खारिज करने की मांग की है। उनकी ओर से अधिवक्ताओं एलपी मिश्रा और गौरव मेहरोत्रा की दलील थी कि सरकार का कृत्य संविधान के अनुच्छेद 21 ए में प्रदत्त 6 से 14 वर्ष के बच्चों के शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है। इससे वे अपने नजदीक में शिक्षा पाने के हक से वंचित हो जाएंगे। कहा गया कि यदि किसी स्कूल में छात्रों की संख्या कम है तो सरकार को उ...
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