बगहा, फरवरी 19 -- निजी विद्यालयों में हर साल री एडमिशन और डेवलपमेंट चार्ज के नाम पर अभिभावकों से मोटी रकम वसूल की जाती है। निजी विद्यालयों में दोनों के नाम पर 10,000 से लेकर 20,000 तक की राशि वसूल की जाती हैं। इससे अभिभावकों का बजट बिगड़ जाता है। अभिभावकों का कहना है कि फीस, किताबें, ड्रेस, स्कूलों के समारोह के अलावा प्रत्येक वर्ष एडमिशन व डेवलपमेंट के नाम पर रकम फिर से जमा करना पड़ता है। ऐसे में निजी विद्यालय पर शिक्षा विभाग और सरकार को लगाम लगानी चाहिए। डेवलपमेंट चार्ज और री एडमिशन के नाम पर वसूली पर रोक लगनी चाहिए, लेकिन इस पर कोई रोक नहीं लग पाती। शिक्षा के अधिकार के तहत गरीब बच्चों का नामांकन होना चाहिए, लेकिन गरीब बच्चों के नामांकन के समय तरह-तरह के नियम बताए जाते हैं, लेकिन री एडमिशन के तहत जो राशि दी जाती है उसके लिए कोई नियमावली ...