कानपुर, दिसम्बर 5 -- सरवनखेड़ा,संवाददाता। स्कूल संचालकों की लापरवाही व चंद पैसे के लालच में जिले में स्कूली बच्चों को जान हथेली पर रखकर स्कूल का सफर तय करना पड़ रहा है। इन वाहनों को स्कूल बस के रूप में प्रयोग किया जाता है,उनमें से अधिकांश तय मानकों को पूरा ही नही करते। कहीं पर आटो तो कहीं पर पिकअप जैसे वाहनों को स्कूल वाहन के तौर पर प्रयोग किया जा रहा है। वाहनों में सफर कर रहे बच्चों के हाथ पांव बाहर ही लटकते रहते हैं,इससे हादसे होने की आशंका बनी रहती है। रनियां थाना क्षेत्र के रनियां कस्बे में व सरवनखेड़ा ब्लॉक के अधिकतर क्षेत्र के गांवों में सुबह के समय व स्कूल की छुट्टी होने के बाद अक्सर ऐसा नजारा कस्बों व गांवों की हर सड़क पर देखा जा सकता है। पुलिस प्रशासन व शिक्षा विभाग के संज्ञान में मामला होने के बाद भी अधिकारी मूकदर्शक ही बने हुए है। ...
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