नई दिल्ली, दिसम्बर 11 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। सौर ऊर्जा को लेकर एक अच्छी खबर है कि इसके भंडारण की लागत में भारी गिरावट आई है। अब महज 65 डालर प्रति मेगावाट घंटे की लागत पर इसका भंडारण संभव है। इसका मतलब यह हुआ कि अब सौर ऊर्जा सिर्फ दिन की बिजली नहीं बल्कि चौबीसों घंटे की बिजली बन रही है। थिंक टैंक 'अंबर' की रिपोर्ट के अनुसार 2025 में बैटरी स्टोरेज की लागत गिरकर सिर्फ 65 डॉलर प्रति मेगावॉट-घंटा रह गई है। यह लागत चीन और अमेरिका के बाहर की वैश्विक मार्केट के लिए है। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट पिछले दो सालों में सबसे तेज़ रही है और पूरी दुनिया की बिजली व्यवस्था को नया आकार दे सकती है। अंबर की ग्लोबल इलेक्ट्रिसिटी एनालिस्ट कोस्तांसा रेंगेलोवा ने कहा, '2024 में बैटरी उपकरणों की कीमतें 40% गिरी थीं और 2025 में भी वही तेज गिरा...