गंगापार, मई 24 -- श्रीमद्भागवत कथा अमृत कलश रसपान का सौभाग्य बहुत ही सौभाग्यशाली भक्ति भाव से ही भगवत प्राप्ति होती है। उक्त बातें देवराज का पूरा होलागढ़ में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सुनाते हुए आचार्य पंडित संतोष ने कही। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा देवताओं के लिए दुर्लभ है। पितरों के आशीर्वाद से पापनाशिनी मनोवांछित फलदायिनी हैं। आज़ ध्रुव जड़ भरत चरित गजेंद्र मोक्ष बामन अवतार श्री रामअवतार की कथा विस्तार से सुनाते हुए श्री कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। उन्होंने कहा कि सत्संग भक्ति भाव से ही हमारा कल्याण होता है। नन्द के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की आदि बधाई गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने मस्ती में झूमते बधाई लूटते हुए बाल कृष्ण की झांकी का दिव्य दर्शन करते हुए अपने आप को धन्य हुए। आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर श्य...