गिरडीह, जनवरी 5 -- गिरिडीह, प्रतिनिधि। आदिवासी छात्रसंघ के नेतृत्व में जिला सोहराय मिलन समारोह का आयोजन रविवार को गिरिडीह कॉलेज छात्रावास प्रांगण में किया गया। संतालों के पारंपरिक रीति-रिवाज और विधिवत रूप से आदिवासी समाज के लोगों ने सोहराय मनाया। इस दौरान मांदर की थाप पर आदिवासी समाज के लोग खूब झूमे। पारंपरिक गीत व नृत्य से पूरा कॉलेज परिसर गूंजता रहा। सोहराय मिलन समारोह को लेकर वक्ताओं ने बताया कि सोहराय संतालों का सबसे बड़ा पर्व है। जिसकी तुलना एक हाथी से की जाती है। पूर्वज से हीआदिवासी समाज प्रकृति को अपना देवता मानते आ रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि सोहराय सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आदिवासी जीवन की आत्मा और परंपराओं का उत्सव है। सोहराय अपनी सांस्कृतिक पहचान और प्रकृति से जुड़ाव को दर्शाता है। सोहराम मिलन समारोह में जिले के सामाजिक गुरूओ...