पीलीभीत, जुलाई 29 -- पीलीभीत। अनुकूल आबोहवा और आदर्श प्रजनन की परिस्थितियों के बीच पीलीभीत टाइगर रिजर्व बाघों की नर्सरी बन चुका है। इन दिनों मानव-वन्यजीव संघर्ष की समस्या बढ़ी है। यहां जितने बाघों को अब तक ट्रैंकुलाइज किया जा चुका है, उतने बाघ तक तो कई टाइगर रिजर्व में मौजूद भी नहीं हैं। नौ जून 2014 को अस्तित्व में आए पीलीभीत टाइगर रिजर्व में लगातार बढ़ रही बाघों की संख्या ने अप्रत्याशित रूप से हर किसी को चौंकाया है। साल दर साल बाघों की गणना में यहां वंशबेल बढ़ी है। अब माना जा रहा कि यह संख्या और बढ़ेगी। ऐसे में कुशल संरक्षण प्रबंधन की मांग जोर पकड़ने लगी है। 29 जुलाई को विश्व में जहां एक ओर ग्लोबल टाइगर डे मनाया जा रहा है, वहीं पीटीआर में इस बार एक बड़ा आयोजन हाथ से छिटक जाने का मलाल भी है। ग्लोबल टाइगर डे इवेंट पीटीआर में मनाए जाने की त...
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