अलीगढ़, जुलाई 13 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। सावन का माह शुरु हो चुका है, लेकिन अब सावन में न तो वो झूले हैँ और न ही वह गीत-मल्हार। सावन मात्र मोबाइल में सिमट कर रह गया है। सोशल मीडिया पर सावन की बधाईयां दी जा रही है। मगर, ये माह अपने आप में बड़े बदलाव लेकर आता है। प्रकृति हरी भरी हो जाती है। धार्मिक आधार पर भी इस माह का बड़ा महत्व बताया जाता है। इस पूरे महा भगवान शिव की आराधना होती है। सावन का महीना भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना होता है। भगवान विष्णु के चार माह के लिए योग निद्रा में जाने से सृष्टि का संचालन सावन के एक महीने महादेव करते हैं। पौराणिक मान्यता है कि इसी महीने में समुद्र मंथन हुआ था और समुद्र मंथन से जो विष निकला, उसका भगवान शिव ने हलाहल विष का पान किया था। तब से ये परंपरा चली आ रही है कि सावन में भगवान शिव को जल चढ़ाया जा...