नवादा, अप्रैल 23 -- नवादा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। साइबर अपराधी विभिन्न सरकारी व निजी फायनेंस कम्पनियों के नाम पर लोन का झांसा देने के लिए लोगों को उनके मोबाइल नंबरों पर कॉल करते थे या फिर उन्हें मैसेज करते थे। जिसमें उन्हें आसानी से लोन देने का प्रलोभन दिया जाता था। लोगों का मोबाइल नंबर सोशल मीडिया एप से निकाला जाता था। इसमें अपराधियों का एक गिरोह शामिल था। उनके द्वारा सोशल मीडिया एप से लोगों के मोबाइल नंबर व अन्य डेटा उपलब्ध कराये जाते थे। जाल में फंसने के बाद अपराधी लोगों से उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट डिटेल व पासपोर्ट साइज फोटो मांगते थे। इसके बाद उनके लोन प्रोसेसिंग फी के नाम पर ठगी की शुरूआत की जाती थी। स्कैनर भेज मंगाते थे रुपये अपराधी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उनका गिरोह प्रोसेसिंग फी व अन्य मद के नाम पर झांसा देकर ...
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