जहानाबाद, दिसम्बर 5 -- मखदुमपुर, निज संवाददाता। साल के 12 महीने में दो महीने को खरमास माना जाता है। एक पौष माह को और दूसरा चैत्र माह को। खरमास महीने में धार्मिक मान्यता के अनुसार शुभ कार्य पर प्रतिबंध रहता है। इस संबंध में ज्योतिषाचार्य डॉ रामकिशोर शर्मा ने बताया खरमास सूर्य की गति के आधार पर निर्धारित होता है। पौष महीने में जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है तो खरमास होता है और चैत्र महीने में जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करता है तब खरमास लगता है। खरमास महीने में मांगलिक कार्य नहीं होता है इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है कि इस महीने में सूर्य का तेज कम होता है। पौष महीने में खरमास की शुरुआत 16 दिसंबर से शुरू होगी जो 14 जनवरी तक चलेगा। लेकिन शुभ कार्य 12 दिसंबर से ही बंद हो जाएगा क्योंकि 12 दिसंबर से शुक्र अस्त हो रहा है। इसलिए जो भी शुभ का...