मुंगेर, जुलाई 14 -- तारापुर, निज संवाददाता। श्रावणी मेला के तीसरे दिन रविवार को तेज धूप और उमस भरी गर्मी पर शिवभक्तों की आस्था भारी पड़ा। बोलबम के नारों से गूंजते कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं के कदम लगातार बढ़ते रहे। दोपहर की तपती धूप भी कांवरियों की आस्था और उत्साह को कम नहीं कर सकी। माग्र में बिछाए गये बालू पर तपती धूप में पानी छिड़काव से कांवरियों को राहत मिली। दोपहर बाद डाक कांवरियों का रैला उमड़ पड़ा। डाक कांवरिये बोलबम के नारे के आगे बढ़ रहे थे। दोपहर करीब 2.45 बजे के बाद मौसम ने करवट ली और हल्की फुहार के साथ ही आसमान में बादल छा गए। इसके बाद थके हारे कांवरिए सुहाने मौसम का आनंद लेते हुए फिर से जोश के साथ देवघर की ओर कूच कर गए। गेरुआ वस्त्रधारी शिवभक्त बोलबम का नारा है, बाबा एक सहारा है, हाथी न घोड़ा न कोनहु सवारी, पैदल ही अइबु तोर दुआरी ओ भ...
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