सहरसा, जनवरी 12 -- सहरसा, नगर संवाददाता। जनवरी 10 26 में गजनी के महमूद ने सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण कर मंदिर को ध्वस्त कर दिया था। वर्ष 2026 में इस आस्था और सभ्यता के महान प्रतीक पर किए गए बर्बर आक्रमण के हजार वर्ष पूर्ण हो रहें हैं। सोमनाथ की इस हजार वर्षों की सहनशीलता, पूनरूत्थान और निरंतरता को रेखांकित करने के लिए सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया गया ।शहर के शंकर चौक स्थित मंदिर में पूजा आरती एवं मंत्रो का उच्चारण किया गया। भाजपा नेताओं ने कहा कि एक हजार वर्ष के उतार-चढ़ाव के बावजूद यह मंदिर आज भी अपनी भव्यता और गौरव के साथ खड़ा है। यह सोमनाथ को उसके वैभव में पूर्ण स्थापित करने के निरंतर एवं सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है। मंदिर निर्माण के 75 वर्ष भी 2026 में पूरे हो रहे हैं। 11 म‌ई 1951 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ...