सोनभद्र, जनवरी 11 -- सोनभद्र/म्योरपुर, हिन्दुस्तान टीम। यूपी के अंतिम छोर पर चार राज्यों की सीमाओं से घिरे सोनभद्र में अपार खनिज संपदाएं हैं। इन क्षेत्रों को भू विरासत के रूप में विकसित किया जाए तो खनिज सम्पदाओं के दोहन को रोकने में सफलता मिलेगी। वहीं जिले में शोध, शिक्षा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसलिए इनके संरक्षण की जरूरत है। लखनऊ विश्वविद्यालय के भू विशेषज्ञ प्रो. विभूति राय का कहना है कि सही नीति, स्थानीय सहभागिता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह क्षेत्र न सिर्फ अपनी प्राकृतिक संपदा बचा सकता है, बल्कि रोजगार और पहचान का नया रास्ता भी खोल सकता है। प्रो. विभूति राय के अनुसार यहां मिलने वाले खनिज न सिर्फ आभूषण और सजावटी उपयोग के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि इनके वैज्ञानिक और औद्योगिक उपयोग भी हैं। ऐसे में इनका संरक्षण और नियंत्रित उपयोग सम...