गढ़वा, अक्टूबर 10 -- केतार, प्रतिनिधि। जिलांतर्गत सबसे अधिक उपजाऊ कहे जाने वाले सोन तटीय इलाकों के दर्जनों गांवों परती कुशवानी, मुनमुन, कमदरवा , पचाडूमर, गमहरिया, बीजडीह, चांदडीह, खैरवा, कधवन, कोसडीहरा, मेरौनी, लोहरगाड़ा, हरिहरपुर श्री नगर, दारीदह, घुटूरवा सहित अन्य गांवों के किसानों की बेहद उपजाऊ जमीन प्रति वर्ष सोन नदी में आ रही बाढ़ से विलीन हो रही है। साथ ही प्रति वर्ष हो रहे तेज कटाव से कधवन, कोसडरहरा और लोहारगाड़ा गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। अगर जल्द ही तटबंध का निर्माण नहीं हुआ तो आने वाले कुछ वर्षों में यह गांव सोन नदी में विलीन हो जाएंगे। प्रखंड के किसानों ने नदी से हो रहे कटाव को रोकने के लिए सांसद और विधायक से नदी में तटबंध बनाने की गुहार लगाई है। मालूम हो कि सोन तटीय इलाकों के किसानों के द्वारा दशकों से सोन नदी पर तट...
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