दरभंगा, अप्रैल 21 -- शहर के अंतिम छोर पर बसा सैदनगर अभंडा मोहल्ला बुनियादी सुविधाओं से दूर है। ऊबड़-खाबड़ सड़कें, गंदगी से भरे नालों के टूटे स्लैब व ऐतिहासिक अभंडा पोखर की बदरंग तस्वीर दिखाकर लोग सवाल उठाते हैं। साथ ही मोहल्ले में वर्षों से व्याप्त अस्त-व्यस्त माहौल का दर्द सुनाते हैं। लोगों का कहना है कि मोहल्ले में पेयजल के लिए हाहाकार मचा है। पानी की किल्लत से लोगों की दिनचर्या पटरी से उतर चुकी है। रोजाना कमाने-खाने वाले लोग पानी के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। नहाने-धोने व खाना बनाने जैसी दैनिक जरूरतों के हिसाब से ताजा पानी हासिल करना चुनौती बना है। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि चापाकल व सामान्य मोटर पंप बेकार हो चुके हैं। अधिकतर परिवार सार्वजनिक सबमर्सिबल पंप और निगम के वाटर टैंकर पर निर्भर हैं। इससे लोगों को सीमित मात्रा में पानी मिलता है। ज...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.