पूर्णिया, अक्टूबर 5 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता।चुनावी वर्ष में शिक्षकों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूरा उम्मीद था कि शिक्षकों के लिए लाभकारी घोषणाएं करेंगे। मगर शिक्षकों को निराशा हाथ लगी है। बिहार संयुक्त शिक्षक संघ पूर्णिया के जिलाध्यक्ष दीपक सिंह भदौरिया ने बताया कि नियोजित शिक्षक से जो विशिष्ट शिक्षक,प्रधान शिक्षक या विद्यालय अध्यापक बनाए गए हैं, उनको अपने पूर्व के सेवा का लाभ सेवा निरंतरता के रूप में मिलना चाहिए था मगर इसको लेकर सरकार का रुख सही नही है जिससे शिक्षक अपने आप को ठगा महसूस कर रहा है। सरकार की बातों को मानते हुए नियोजित शिक्षक सक्षमता परीक्षा देकर विशिष्ट शिक्षक बने मगर विशिष्ट शिक्षकों के साथ सरकार एवं विभाग का रवैया सही नहीं है। 9 माह बीत जाने के बाद भी विशिष्ट शिक्षकों का वेतन निर्धारण नहीं हुआ है जिससे विशि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.