प्रयागराज, फरवरी 12 -- प्रयागराज, संवाददाता। रेलवे ने परियोजनाओं में देरी और बढ़ती लागत पर अंकुश लगाने के लिए नई पहल की है। अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप देने से पहले सेवानिवृत्त वरिष्ठ रेल अधिकारियों से उसकी जांच कराई जाएगी। इन्हें 'सेक्टर एक्सपर्ट' के रूप में नियुक्त कर प्रतिदिन एक लाख रुपये मेहनताना दिया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू करते हुए उत्तर मध्य रेलवे समेत सभी जोन को तीन-तीन परियोजनाएं चुनने के निर्देश दिए हैं। एक्सपर्ट फाइल और साइट निरीक्षण कर अलाइनमेंट, मिट्टी परीक्षण, पुल डिजाइन व सुरक्षा मानकों की समीक्षा करेंगे। छह माह के फीडबैक के बाद व्यवस्था को सभी बड़े प्रोजेक्ट्स में लागू किया जा सकता है। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि जल्द ही पैनल गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।
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