सीवान, दिसम्बर 10 -- जीरादेई, एक संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के रुइया बंगरा गांव में मंगलवार को निरंकारी संत समागम का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। समागम के दौरान अनुयायी सागर और सुमन ने बिना दहेज विवाह कर समाज के लिए प्रेरणादायी संदेश दिया। दहेजमुक्त शादी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। समागम में संत-महात्माओं ने कहा कि जीवन का वास्तविक आनंद सेवा, सुमिरन और सत्संग में है। उन्होंने बताया कि गुरु में आस्था और विश्वास जीवन के कष्टों को दूर करने में सहायक होता है तथा ब्रह्मज्ञान प्राप्ति से परिवारों में प्रेम और सम्मान का वातावरण बनता है। महात्मा विक्रमा जी ने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ में मनुष्य अशांत हो गया है, ऐसे में सत्संग ही उसे मानसिक शांति प्रदान कर सकता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को सत्संग से...