नई दिल्ली, अक्टूबर 23 -- भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने फर्स्ट ओवरसीज कैपिटल को दो साल के लिए कोई भी नया काम लेने से रोक दिया और गलत जानकारी देने और अंडरराइटिंग सीमाओं का उल्लंघन करने सहित कई उल्लंघनों के लिए 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। सेबी ने फर्स्ट ओवरसीज कैपिटल लिमिटेड (एफओसीएल) को दो साल की अवधि के लिए सिक्योरिटीज मार्केट में कारोबार करने से भी रोक दिया है।सेबी को जांच में क्या मिला? आदेश के मुताबिक सेबी ने पाया कि एफओसीएल ने गलत और भ्रामक जानकारी दी हैं, अंडरराइटिंग प्रतिबद्धताओं के तहत प्राप्त प्रतिभूतियों के बारे में सेबी को सूचित करने में विफल रही, अर्धवार्षिक रिपोर्ट दाखिल करने में देरी की, प्रमुख प्रबंधकीय कर्मियों का एनआईएसएम प्रमाणन सुनिश्चित नहीं किया और अपनी वेबसाइट पर ट्रैक रिकॉर्ड का खुलासा नहीं किया। सेब...
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