नई दिल्ली, अक्टूबर 30 -- नई दिल्ली। निवेशकों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए सेबी ने म्यूचुअल फंड कंपनियों द्वारा ली जाने वाली ब्रोकरेज और लेन-देन शुल्क की सीमा तय करने का प्रस्ताव दिया है। इस कदम का उद्देश्य निवेशकों पर अतिरिक्त बोझ कम करना और पारदर्शिता बढ़ाना है। लेकिन म्यूचुअल फंड कंपनियां इस प्रस्ताव से नाराज हैं, क्योंकि इससे उनकी लाभप्रदता पर असर पड़ सकता है। सेबी ने इन प्रस्तावों पर परामर्श आमंत्रित किए हैं। इन प्रस्तावों को लेकर म्यूचुअल फंड उद्योग में हलचल मच गई है। क्या है नया नियम सेबी ने कहा है कि म्यूचुअल फंड कंपनियां टोटल एक्सपेंस रेशियो के अलावा निवेशकों से अतिरिक्त ब्रोकरेज या लेन-देन शुल्क नहीं वसूल सकेंगी। टोटल एक्सपेंस रेशियो वह कुल वार्षिक शुल्क है जो फंड हाउस निवेशकों से फंड प्रबंधन, अनुसंधान, और संचालन खर्च के लिए लेत...
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