नई दिल्ली, सितम्बर 13 -- सेबी ने कई नियमों बदलाव किए हैं। जिसका फायदा आईपीओ लाने जा रही दिग्गज कंपनियों को मिलेगा। मार्केट रेगुलेटर ने मिनिमम पब्लिक ऑफर (minimum public offer) और मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (minimum public shareholding) से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। इसकी वजह से अब रिलायंस जियो, एनएसई के आईपीओ का साइज आधा हो सकता है। आइए जानते हैं कि ऐसे कौन से बदलाव हैं जो रिलायंस जियो के लिए गेमचेंजर साबित होगा। मौजूदा नियमों के अनुसार ऐसी कंपनियां जिनका मार्केट वैल्यू 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। उन्हें कम से कम 5 प्रतिशत हिस्से को आईपीओ के जरिए बेचना पड़ता था। ब्रोकरेज हाउस Goldman Sachs का अनुमान है कि बुल केस में रिलायंस जियो की मार्केट वैल्यू 13.5 लाख करोड़ रुपये के करीब होगी। ऐसे में 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की स्थिति में ज...
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