मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 10 -- मुजफ्फरपुर। प्रमुख संवाददाता सेंटर कोड की जगह स्कूल का कोड तो विद्यालय की बजाय निजी खाता दे दिया। मैट्रिक-इंटर परीक्षा के लिए केन्द्राधीक्षकों से मांगी गई रिपोर्ट में इस तरह का अजग-गजब मामला सामने आया है। मैट्रिक-इंटर परीक्षा के लिए प्रतिनियुक्ति सभी केंद्राधीक्षकों को बिहार बोर्ड की ओर से भेजे गए फॉर्मेट में जानकारी भरने का आदेश मिला था। इसमें कई तरह की सूचना भर कर केन्द्राधीक्षकों को भेजनी थी। केन्द्रधीक्षकों की ओर से जो रिपोर्ट दी गई है, उसमें कई तरह की गड़बड़ी है। इस तरह की गड़बड़ी पर डीईओ ने फटकार लगाते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। केन्द्राधीक्षकों को कहा गया है कि यह गड़बड़ी जानबूझकर की गई है, क्योंकि इसमें कई ऐसी सूचना नहीं है जिसे समझने में परेशानी हो। जानबूझकर परीक्षा में बाधा पहुंचाने की मंशा, किए गए च...