चतरा, फरवरी 23 -- इटखोरी, प्रतिनिधि। नगवां गांव में श्री शतचंडी महायज्ञ सह श्री दुर्गा देवी हनुमत प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ के दौरान उज्जैन से आई विख्यात कथावाचिका साध्वी ममता पाठक अपने कथा के दौरान ज्ञान की गंगा बहा रही है , उन्होंने सूर्य को जल अर्पित करने से मिलने वाले यश कृति आरोग्य के बारे में श्रोताओं को बताया। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में सूर्य को देवता समान माना गया है। सुबह उठकर स्नान करने के बाद, सूर्य देव को नमस्कार करना और उन्हें जल अर्पित करना, हमारी इसी परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। हमारी संस्कृति में ऐसी कई परंपराएं हैं, जो बरसों से चली आ रही हैं। इनके साथ शुरुआत से ही एक धार्मिक महत्व तो जोड़ा ही गया लेकिन समय के साथ जब इन्हें वैज्ञानिक दृष्टि से देखा गया, तो इनके पीछे का असली सार समझ आया। ऐसी ही एक प्राचीन परंपरा है, सूर्य क...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.