लखनऊ, नवम्बर 7 -- लखनऊ। देश के स्वतंत्रता संग्राम की धड़कन बनने वाले अमर गीत 'वंदे मातरम' की रचना आज के ही दिन 1857 को हुई थी। बंकिम चन्द्र चटर्जी के लिखे इस गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सेना की सूर्य कमांड ने समारोह का आयोजन किया। यह आयोजन लखनऊ सहित कमांड की सभी इकाइयों में हुआ। इस समारोह में वंदे मातरम का सामूहिक गायन, देशभक्तिपूर्ण संगीत प्रस्तुतियां और राष्ट्र की एकता, विविधता और भावना को दर्शाते सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे। सैनिकों, उनके परिवारों, स्कूली बच्चों और पूर्व सैनिकों ने भारत के राष्ट्रीय गीत को श्रद्धांजलि अर्पित की और बलिदान, एकता और राष्ट्रीय गौरव के आदर्शों में विश्वास की पुष्टि की। इस अवसर पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे वंदे मातरम एक शाश्वत गान के रूप में गूंजता रहता है। यह केवल...
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