मुंगेर, अक्टूबर 29 -- मुंगेर, हन्दिुस्तान प्रतिनिधि। उदीयमान भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य देने के साथ मंगलवार को चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व छठ संपन्न हो गया। व्रतियों एवं उनके परिजनों ने सूर्यदेव को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद व्रतियों ने पारण कर 36 घंटे का नर्जिला उपवास तोड़ा। उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए लोग सुबह चार बजे से ही गंगा घाटों पर पहंुचने लगे। बबुआ घाट, सोझी घाट, कष्टहरणी, जेल घाट, टीकारामपुर, चौखंडी आदि घाटों पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। घाटों पर सूप सजाये गये। धूप-दीप से वातावरण सुवासित हो उठा। लोग भगवान सूर्य के उदय का इंतजार कर रहे थे। व्रती एवं अन्य महिलाएं घाट पर उग हो सुरुज देव भईल अरघ के बेरिया गीत गा रहीं थी। सूर्य की लालिमा दिखते ही अर्घ्य देने का सिलसिला...
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