पूर्णिया, फरवरी 7 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। बेटे सूरज बिहारी की नृशंस हत्या के बाद न्याय की आस लगाए पिता लब्धप्रतिष्ठित व्यवसायी जवाहर यादव का शुक्रवार सुबह सदमे से निधन किसी व्यक्ति विशेष की मौत नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था की मौत है। पुलिस की नाकामी और जवान बेटे की हत्या के गम का बोझ लिए जवाहर जी के लिए यह पीड़ा असहनीय साबित हुई और उन्होंने दम तोड़ दिया। हम जवाहर जी की मौत को संस्थागत हत्या मानते हैं और जानना चाहते है कि आखिर दो हत्याओं के जिम्मेवार को कब सजा मिलेगी ? क्या राज्य सरकार को तीसरी मौत का इंतजार है? पूरा प्रकरण दुर्भाग्यपूर्ण, अकल्पनीय और अविश्वसनीय है और हम इसकी कड़ी भर्त्सना करते हैं। उक्त बातें पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने सूरज बिहारी के पिता जवाहर यादव के असामयिक निधन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही है। कुशवाहा ने ...