शामली, मार्च 5 -- माहे रमजान के तीसरे दिन शहर के मोहल्ला पंसारियान स्थित मदरसा इस्लामिया हयातुल उलूम में में ब्यान करते हुए मौलाना नजाकत अली ने कहा कि रमजान का मुकददस महीने का ऐहतराम करे। यह महीना सभी गुनाहों को माफ कराने का जरिया है। मुस्लिमों ने दिनभर रोजा रखा और रात में तराविह अदा कर देश में अमन चैन कायम रखने की दुआ मांगी। मस्जिद में पहुंचे नमाजियों को मौलाना नजाकत ने अल्लाह की राह में ख़र्च करने की फ़ज़ीलत को बयान किया है और बताया है कि अल्लाह के रास्ते में ख़र्च किए गए माल को अल्लाह ताला सात सौ गुना बदला देंगे और कई लोगों को ख़ुलूसे नियत की बिना पर उससे भी ज़्यादा मिलेगा। इस बारे में अल्लाह तआ़ला ने सूद की भी मज़म्मत (निंदा) की और कहा कि जो लोग सूद खाने से बाज़ नहीं आते उनका अल्लाह और उसके खिलाफ़ एलान-ए-जंग है। उन्होने कहा कि सूरह बक़रह के...
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