रामपुर, जनवरी 21 -- आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 10 लाख से अधिक लोगों के नाम हैं मगर अभी तक छह लाख 28 हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड बने हैं। अब भी 3.72 लाख लोग रह गए हैं जिन्होंने आयुष्मान कार्ड नहीं बनवाया है। इनके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिला प्रशासन की सख्ती के बाद आशा और आंगनबाड़ी वर्करों के स्तर से भी आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार जिले के 24 निजी और सभी सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का इलाज किया जा रहा है। दिल्ली, लखनऊ और चेन्नई जैसे बड़े शहरों के सूचीबद्ध अस्पतालों में भी इलाज की सुविधा मिल रही है। आयुष्मान कार्ड की प्रगति कम होने पर बीते दिनों हुई समीक्षा बैठक में डीएम ने स्वास्थ्य अधिकारियों की क्लास लगाई थी और दो एमओआईसी का वेतन भी रोक दिया था। पहले यह अभियान 25 नवंबर से 25 दिसं...
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