देवरिया, जुलाई 16 -- देवरिया, निज संवाददाता। खरीफ में सूखे जैसे हालात से किसानों में यूरिया की डिमांड सुस्त है। धान, मक्का और गन्ने की फसल में यूरिया डालने से किसान परहेज कर रहे हैं। क्योंकि बरसात नहीं होने से खेत में नमी नहीं हैं। महज नहर वाले इलाको में यूरिया की डिमांड है। सूखा पड़ने पर व्यापारियों को खाद के डंप होने की आशंका सताने लगी है। इस साल जून महीने में समय से मानसून आने से किसानों को अच्छी बरसात होने की उम्मीद लगी थी। लेकिन महज एक सप्ताह तक सक्रिय रहने के बाद मानसून सुस्त हो गया। तीन सप्ताह से सुबह से तीखी धूप होने से गर्मी का प्रकोप काफी बढ़ गया है। इस बीच सोमवार व मंगलवार को हल्की बरसात हुई। तीन सप्ताह तक बारिश नहीं होने से धान, मक्क्का, अरहर आदि फसलें सूखने लगी हैं व खेतों दरारें पड़ने लगी हैं। मौसम के दगा देने से किसान फसलों...
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