मुजफ्फरपुर, नवम्बर 26 -- मुजपफ्फरपुर। बीआरएबीयू छह जिलों के पांच लाख विद्यार्थियों का परिवार है। बड़ी उम्मीद से दूर-दराज के छात्र-छात्राएं यहां पढ़ने आते हैं, लेकिन व्यवस्था में खामी के कारण कदम-कदम पर समस्याओं से जूझना पड़ता है। लाइब्रेरी में बैठने की मुकम्मल व्यवस्था तो दूर, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। दुश्वारियां यहीं खत्म नहीं हो जातीं, बल्कि लंबे इंतजार के बाद रिजल्ट जारी हो भी जाए तो उसमें सुधार के लिए भाग-दौड़ करनी पड़ती है। रिजल्ट और डिग्री में देरी के कारण छात्र-छात्राएं नौकरी के अवसरों से चूक रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध कॉलेजों में सुविधाओं के अलावा समय पर परीक्षा, रिजल्ट और डिग्री मिल जाए तो हम अपने सपने साकार कर सकें। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर व...
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