सुल्तानपुर, नवम्बर 6 -- सुलतानपुर, संवाददाता। जगदीशपुर थाना के पुलिसकर्मियों पर तमंचे से जानलेवा हमला करने और गैंगस्टर के मामले की सुनवाई 22 साल से लम्बित है। एफटीसी कोर्ट के जज राकेश ने पूर्व थानाध्यक्ष को माल मुकदमा के साथ हाजिर रहने का आदेश दिया है। मुकदमे में बचाव पक्ष के अधिवक्ता अयूब उल्ला खान ने कहा कि पुलिस कि लापरवाही से मामले की कार्रवाई बाधित है। तहरीर के अनुसार क्षेत्र भ्रमण के दौरान सात जनवरी 2003 की शाम तत्कालीन जगदीशपुर थानाध्यक्ष अरुण कुमार गौतम ने तीन संदिग्धों को रोका तो उन्होंने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। मौके से अशोक सिंह (अब मृतक) तथा इन्हौना निवासी वकील अहमद को पकड़ा जिनके बयान पर जगदीशपुर निवासी सईद पर भी चार्जशीट दाखिल की। अधिवक्ता अयूब उल्ला खान ने बताया कि पुलिस ने गलत तरीके से जानलेवा हमला, अवैध तमंचा बरामदगी और...
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