सुल्तानपुर, फरवरी 19 -- सुलतानपुर, संवाददाता। गांव को खुले में शौचमुक्त करने के लिए व्यक्तिगत के साथ प्रत्येक ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय भी बनाया गया है, लेकिन देखरेख के नाम पर केवल खानापूरी की जा रही है। जिले की 979 ग्राम पंचायतों में हर माह सफाई सामाग्री व अन्य कार्य के नाम पर 15 लाख से अधिक धनराशि खर्च की जाती है, लेकिन इसके बाद भी सामुदायिक शौचालयों में गंदगी है। इतना ही नही कई सामुदायिक शौचालय जर्जर होने से बंद भी पड़े है। जिले की ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों की सुविधा के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर गांव में एक-एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। सामुदायिक शौचालय के संचालन के लिए एक-एक केयरटेकर की तैनाती की गई है। जिसे शासन के निर्देश पर ग्राम पंचायतों की ओर से हर माह 6 हजार रुपए मानदेय दिया जाता है। इसके साथ ही ...