सुल्तानपुर, मार्च 10 -- सूरापुर। संवाददाता धोखा देने वाले को भगवान देखना भी नहीं चाहता। यह बातें सूरापुर में डॉ. मदन मोहन मिश्र मानस कोविद के आवास पर आयोजित श्रीद्भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञानमहा यज्ञ के पांचवे दिनपं. सुदर्शनाचार्य महराज व्यासपीठ से व्यक्त किया। कहा कि पूतना दूध के बहाने जहर पिलाना चाहती थी, जिस कारण भगवान ने उसे देखा ही नहीं, राजा बलि ने पूर्ण समर्पण किया जिस कारण वामन भगवान अति प्रसन्न हुए । शुक्राचार्य ने राजा बलि को दान करने से रोका जिस कारण उनकी वैराग्य की एक आंख चली गयी। हमें कुरीतियों को परंपरा के नाम पर ढोना नहीं चाहिए बल्कि प्रगति वादी बनकर अच्छी परंपरा का सृजन करना चाहिए। इस अवसर पर नरेंद्र तिवारी, आशुतोष द्विवेदी, विजय नाथ पाठक सहित भारी संख्या में श्रध्दालु उपस्थित रहे व्यास पूजन राघवेंद्र व वृजेन्द्र ने किया।
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