वाराणसी, जनवरी 16 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। लैंगिक उत्पीड़न के परिणाम स्वरूप महिला के समानता के मौलिक अधिकारों का उलंघन हो रहा है। सुरक्षित कार्यस्थल एक महिला का कानूनी अधिकार है। वास्तव में समानता का संवैधानिक सिद्धांत और व्यक्तिगत स्वतंत्रता भारतीय संविधान के अनुछेद 14,15 एवं 19 में निहित है। उक्त विचार आकाशवाणी वाराणसी की आंतरिक शिकायत समिति की सदस्य एवं डॉ. शम्भुनाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन की निदेशक डॉ. रोली सिंह के हैं। वह शुक्रवार को आकाशवाणी परिसर में आयोजित 'कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013' विषयक कार्यशाला को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि तमाम कोशिशों के बाद भी इस अधिनियम का पूरी तरह पालन नहीं हो पा रहा है। इसका पालन सुनिश्चि करना हम सब का दायित्व है। सह वक्ता फाउंडेशन की परियोजना प्रबंध...
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