वाराणसी, नवम्बर 2 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। चार दिवसीय गंगा महोत्सव का शुभारंभ शनिवार को राजघाट (भैसासुर) पर हुआ। 'कण-कण में काशी, रस-रस में बनारस' थीम से सजे आयोजन की पहली संध्या में गंगा तट सुर, ताल और नृत्य की लहरियों से गूंज उठा। प्रथम कार्यक्रम बनारस घराने के पं. माता प्रसाद और पं.रविशंकर मिश्र के युगल कथक नृत्य का रहा। उन्होंने शिव महिमा पर केंद्रित भावपूर्ण नृत्य से सभी को विभोर किया। पारंपरिक कथक के प्रदर्शन के दौरान रेल गाड़ी के चलने, डमरू के निनाद करने का अंदाज भी दिखाया। तबले पर राम मिश्र और आदित्य शंकर, सारंगी पर ओम सहाय से सहयोग किया। बोल पढ़ंत कंचना मिश्र तथा गायन संतोष मिश्र ने किया। इसके उपरांत जी.कविता मोहंती के निर्देशन में ओडिसी शैली में नृत्य नाटिका 'सियाराम' का मंचन हुआ। इसमें सीता जन्म और स्वयंवर के प्रसंगों को भा...