मैनपुरी, फरवरी 15 -- रमजान माह का आगाज कड़ाके की सर्दी में होने का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन 18 फरवरी से चालू होने वाले रोजदारों को सुबह-शाम की हल्की सर्दी से रूबरू होना पड़ेगा। फरवरी माह में धूप में तेजी आने से रमजान माह का सर्दी में पड़ने का अनुमान गलत साबित हो रहा है। इससे पहले वर्ष 2004 में रमजान माह का महीना अक्तूबर व नवंबर के बीच गुलाबी सर्दी में गुजरा था। माह-ए-रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौंवा महीना होता है। वर्ष 2004 से 2025 तक 22 बार रमजान का महीना आया। जो पिछले 22 वर्षों में मार्च से अक्तूबर के बीच में गुजरा है। इस बीच रोजदारों में अप्रैल, मई का झुलसा देने वाली तपिश को भी सहा था। मार्च और सितंबर के महीनों में रोजदारों को अपने सब्र का इम्तिहान देना पड़ा था। वर्ष 2026 में रमजान की शुरूआत 18 फरवरी से होने की उम्मीद है। रमजान को ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.