रिषिकेष, जनवरी 4 -- वनभूमि सर्वे के मामले में नगर निगम ऋषिकेश के 12 वार्डों में बसे हजारों लोगों की निगाहें सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। उन्हें आबादी क्षेत्र होने के चलते अदालत से राहत की उम्मीद है। मेयर की अध्यक्षता में गठित पार्षदों की समिति भी इस मामले में प्रभावित परिवारों को कार्रवाई से बचाने के लिए आगे आ चुकी है। सुप्रीम कोर्ट में 22 दिसंबर को सुनवाई के बाद वन विभाग पर गंभीर टिप्पणी को लेकर शासन एक्शन में आया था। 23 दिसंबर को इस मामले में शासन ने मुख्य संरक्षक गढ़वाल की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की थी। 26 दिसंबर को समिति अध्यक्ष और सदस्यों ने करीब 100 वनकर्मियों की टीम के साथ ऋषिकेश के आबादी क्षेत्र में वनभूमि सर्वे की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें शुरूआत में विरोध-प्रदर्शन और फिर हालात तनावपूर्ण होने...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.