नई दिल्ली, फरवरी 4 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार 3 फरवरी को गैर विशेषज्ञों द्वारा खेल संस्थाओं के प्रबंधन पर नाराजगी जाहिर की। देश की सर्वोच्च अदालत ने कहा कि क्रिकेट संघ का नेतृत्व संन्यास ले चुके क्रिकेटरों को करना चाहिए, ना कि ऐसे लोगों को जिन्हें 'बल्ला पकड़ना तक नहीं आता'। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने बंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया, जिसने महाराष्ट्र क्रिकेट संघ (एमसीए) के चुनावों पर रोक लगा दी थी जो मूल रूप से छह जनवरी को होने वाले थे। इसमें 'भाई-भतीजावाद और पक्षपात' के आरोप लगाए गए थे। पीठ उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ एमसीए द्वारा दायर याचिका सहित कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने एमसीए की सदस्यता में अचानक ह...