नई दिल्ली, अगस्त 12 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली में सभी आवारा कुत्तों को दो महीने के भीतर पकड़ने का आदेश दिया है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह काम आसान नहीं। न तो दिल्ली में स्थायी कुत्तों के लिए शेल्टर होम हैं, न ही आवारा कुत्तों की सटीक गिनती और न ही पर्याप्त संसाधन। अनुमानित दस लाख कुत्तों को पकड़ने, रखने और खिलाने के लिए न तो जगह है और न ही पैसा। ये कहा जा सकता है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश दिल्ली के लिए 'मिशन इम्पॉसिबल' है।कहां जाएंगे लाखों कुत्ते? दिल्ली नगर निगम (MCD) वर्तमान में गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के साथ मिलकर 20 एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) केंद्र चलाता है। ये केंद्र कुत्तों की नसबंदी के लिए हैं, जहां सर्जरी के बाद कुत्तों को 10 दिन तक रखा जाता है और फिर वापस उनकी जगह पर छोड़ दिया जाता है। यह प्रक्रिया एनिमल बर्थ कं...
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