पटना, फरवरी 10 -- बिहार में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 1.56 करोड़ महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की नकद सहायता (मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना) को वोट के लिए घूस बताकर चुनाव रद्द करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट से फटकार खा चुके जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर ने पहली प्रतिक्रिया दी है। प्रशांत ने सवाल उठाया है कि जन सुराज पार्टी को जो 15 लाख से ज्यादा वोट मिले हैं, उनका कोई अधिकार नहीं है। प्रशांत ने कहा कि यह नया भारत है, न्यायाधीश कह रहे हैं कि आप चुनाव हारे हैं, इसलिए मत आइए। लेकिन कोर्ट तो वही जाएगा, जिसको दिक्कत होगी। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की प्रतिकूल टिप्पणियों के बाद जन सुराज पार्टी ने याचिका वापस ले ली थी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले शुक्रवार को सुनवाई के दौरान जन सुराज को हाईकोर्ट जाने के लिए ...
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