हल्द्वानी, जुलाई 31 -- हल्द्वानी। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध गीतकार और गढ़वाली कुमाउनी के विद्वान महेशानंद गौड़ 'चंद्रा का गुरुवार को हल्द्वानी में निधन हो गया। वे 87 वर्ष के थे और कई माह से बीमार थे। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार सुबह कोटद्वार में होगा। मूलरूप से गढ़वाल में जन्मे महेशानंद गौड़ ने 1960 दशक के मध्य में पर्वतीय क्षेत्र में सबसे लोकप्रिय गढ़वाली लोकगीत 'चल रूपा बुरांस कु फूल बणि जौला लिखा था। आज भी राज्य के प्राचीन लोकगीतों की दुनिया में इसकी धुन पुरानी पीढ़ी के लोगों की जुबान पर है। उनकी लिखी कुमाउनी बैठकी (शास्त्रीय) होली सबको मुबारक होली भी बहुत मशहूर है। केंद्र सरकार के प्रशिक्षक के तौर पर कई साल जीआईसी अल्मोड़ा और उत्तरकाशी में सेवाएं दीं। उनकी बेटी, संगीत शिक्षिका और उत्तराखंडी लोक गायिका आरती उपाध्याय ने कुछ वर्ष पूर्व अपन...
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