सुपौल, दिसम्बर 1 -- कुनौली, निज प्रतिनिधि । सीमावर्ती क्षेत्र में सब्जियों की खेती का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। किसान अब परंपरागत कृषि धान, गेहूं या दलहन से अलग हटकर आमदनी का जुगाड़ लगा रहे हैं। सब्जियों की खेती से कम जमीन में कम समय में अधिक आमदनी होती है। इसे देखते हुए एक सब्जी की खेती का प्रचलन लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले कोशी पलार पर सब्जियों की खेती की जाती थी। लेकिन अब इसका दायरा तेजी से बढ़ते हुए गांवों के बघार तक पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि सड़कों के जाल बिछने से आवागमन की सुविधा बढ़ी है। गांव से कृषि की उपज बाजारों तक आसानी से पहुंच रही हैं। पहले किसान सब्जी की खेती नाम की मात्रा में करता था। लेकिन अब किसान धान की कटनी के बाद उस खेत मे गेहूं की खेती नहीं करके सब्जी की खेती की जाती हैं। किसानों की माने तो इसमें मुनाफा ज्यादा...
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