सुपौल, जनवरी 12 -- वीरपुर, एक संवाददाता। मॉडलिंग रिसर्च सेंटर के निर्माण के दौरान सिंचाई विभाग द्वारा काटी गई लाखों रुपये की कीमती लकड़ी नीलामी नहीं होने के कारण खुले आसमान के नीचे सड़कर जमींदोज हो रही है। कोशी बराज निर्माण के समय वीरपुर में करीब 20 एकड़ जमीन पर केंद्रीय कर्मशाला बनाई गई थी, जहां मशीनों और उपकरणों का रखरखाव होता था। समय के साथ यह कर्मशाला बंद होकर कबाड़ में तब्दील हो गई। इसी परिसर में आम, शीशम, सीरीस, शिमल सहित हजारों पेड़ लगे थे, जिन्हें वर्ष 2020 में मॉडलिंग रिसर्च सेंटर निर्माण के लिए काटा गया। इन पेड़ों की लकड़ी को शीर्ष कार्य प्रमंडल परिसर में रख दिया गया, जहां अब उन पर जंगल उग आए हैं और आम लोगों का जाना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय सुनील कुमार, जयशंकर आजाद और बच्चा यादव बताते हैं कि सैकड़ों हाइवा से लकड़ी ढोकर लाई गई थी, ले...
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