सुपौल, जनवरी 31 -- वीरपुर, एक संवाददाता। इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे वीरपुर व्यवहार न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नदारद है। संवेदनशील सीमा क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद न तो न्यायालय परिसर में बाउंड्री वॉल है और न ही प्रवेश पर कोई सघन जांच व्यवस्था। हालात यह हैं कि हजारों लोगों का आना-जाना बिना किसी रोक-टोक के होता है, जो गंभीर खतरे की ओर इशारा करता है। वर्तमान में व्यवहार न्यायालय एक अस्थायी भवन में संचालित हो रहा है। वहीं, निर्माणाधीन स्थायी भवन में भी चारदीवारी का प्रावधान नहीं किया गया है। हाल ही में कुनौली बॉर्डर के रास्ते एक महिला सहित पांच बांग्लादेशी नागरिकों की अवैध घुसपैठ और उनकी एसएसबी द्वारा गिरफ्तारी ने इलाके की संवेदनशीलता को और उजागर कर दिया है। नेपाल सीमा से सटे होने के कारण यह क्षेत्र अवैध गतिविधियों क...