सुपौल, दिसम्बर 14 -- सुपौल, हिंदुस्तान संवाददाता। अक्टूबर माह के अंत में हुई बारिश का पानी खेतों से नहीं सूख पानी की वजह से धान की कटनी में हुई देर से गेहूं की बुआई भी विलंब से शुरू हुआ। यही कारण है कि बुआई के अंतिम दौर में भी जिले में अब तक 35 से 40 प्रतिशत खेतों में ही किसान फसल की बुआई कर सके हैं। हालांकि जिले में 65 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुआई करने का लक्ष्य कृषि विभाग ने निर्धारित किया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल जिले का तापमान गेहूं की बुआई के अनुकूल है। देर होने पर उपज कम हो सकती है। पिपरा प्रखंड के लालपट्टी गांव में रविवार दोपहर कुछ किसान गेहूं की बुआई करते देखे गए। वहां मिले किसान नरेन्द्र भारती, महाराज मंडल आदि ने बताया कि उन्होंने पिछले सप्ताह धान की कटनी कर खेत तैयार होने का इंतजार कर रहे थे। आज गेहूं की बुआई...