सुपौल, जनवरी 2 -- राघोपुर, एक प्रतिनिधि। राघोपुर प्रखंड क्षेत्र में सरकार की महत्वाकांक्षी 'नल-जल योजना' प्रखंड क्षेत्र में घर-घर पानी पहुंचाने का दावा तो कर रही है, लेकिन धरातल पर इसकी स्थिति चिंताजनक है। प्रखंड की अधिकांश पंचायतों में पाइपलाइन बिछ चुकी है और पानी की सप्लाई भी जारी है। बावजूद इसके एक बड़ी आबादी आज भी पीने के पानी के लिए पुराने चापाकल पर ही निर्भर है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बोरिंग के जरिए जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह पीने योग्य नहीं है। कई स्थानों पर तो नल से गंदा पानी भी निकलता है। लोगों में इस बात को लेकर संशय है कि क्या पाइप फटने से गंदा पानी आ रहा है, या पानी में आयरन की मात्रा अधिक है और क्या यह स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है। ग्रामीणों का कहना है कि आज तक विभाग का कोई भी अधिकारी या तकनीकी कर्मी उन्हें पा...