सुपौल, फरवरी 4 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। शहर में कचरे की समस्या अब केवल दुर्गंध तक सीमित नहीं रही। डंप किए गए कचरे के टीले में आग लगने से निकल रहा जहरीला धुआं अब लोगों की सेहत पर सीधा असर डालने लगा है। बीते तीन दिनों में कूड़े के पहाड़ में आग लगाए जाने से आसपास का इलाका धुएं की चादर में लिपटा नजर आ रहा है। हालात यह हैं कि लोगों का दम घुट रहा है, लेकिन नगर परिषद प्रशासन की ओर से अब तक न तो आग बुझाने की ठोस पहल की गई है और न ही वैकल्पिक व्यवस्था दिख रही है। लोगों की मुश्किलें उस वक्त और भी ज्यादा बढ़ जाती है जब ट्रेनों के गुजरने के कारण रेलवे फाटक बंद रहता है। ऐसे में फाटक खुलने का इंतजार करने वाले राहगीर सांस के जरिए जहरीला धुआं लेने को विवश हैं। यह स्थिति सुपौल-बीना रोड स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज ढाला के पास बनी हुई है। यहां सड़क किनारे ज...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.