सुपौल, जनवरी 9 -- त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि। इलाके की अधिकांश बड़ी और छोटी नदियों के सूखने व नदियों के भू जल स्तर में हाल के बर्षो में आई गिरावट से आसपास के मछुआ समुदायों की आजीविका पर भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।मालूम हो कि ये नदियां लंबे समय तक स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही हैं, लेकिन अब इनके अस्तित्व पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। इलाके के मछुआ समुदाय के लोग बताते हैं कि पहले वेलोग रोज़ाना मछली पकड़कर अपने परिजन का पेट भरते थे घर परिवार चल जाता था, लेकिन नदी में पानी नही रहने से मछलियां लगभग खत्म हो चुकी हैं। डपरखा गांव के मछुआरे पाँचू मुखिया कहते हैं, इलाके के अधिकांश नदी सूख गई है,उसमेपानी नही है फलतः जाल डालने का कोई मतलब नहीं रह जाता है।रोजी रोटी के के लिए पंजाब दिल्ली जाना पड़ रहा है।इससे मछली पकड़ने के साथ-साथ जाल बनाने जैसे सहाय...
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